Quote by Dr. Aniruddha Joshi Aniruddha Bapu on सद्‍गुरुतत्त्व, माँग, सद्‍गुरु, भक्त, अनुचित, मनुष्य, Dr. Aniruddha Joshi in photo large size
भक्त चाहे कुछ भी और कितना भी क्यों न माँग ले, मगर वह यदि उसके लिए अनुचित है, तो परमात्मा, सद्‍गुरु या सद्‍गुरुतत्त्व अपने उस भक्त को वह कभी भी नहीं देते।